सदियों पुराने इतिहास को
मनोरंजन बनते देख कर
खून ख़ौल गया
राजपूतों का,
वो नारी थी
जो इतिहास बना गयी
क्या आज की
नारी ,नारी नही है
जो रोज बनाते है
मजाक वर्तमान का
अतीत था वो बीत गया
अब खुद ही सम्भालों
इस पल को
ऐसा ना हो कहीं
आगे की पीढ़ी
मनोरंजन के लिए
खुद ही इतिहास उठाये
सच में ख्याल है
यदि नारी का तो
इंसानियत को जगा लो
और बचा लो नारी का
आज ,और कल,
काला बनने से।।
मनोरंजन बनते देख कर
खून ख़ौल गया
राजपूतों का,
वो नारी थी
जो इतिहास बना गयी
क्या आज की
नारी ,नारी नही है
जो रोज बनाते है
मजाक वर्तमान का
अतीत था वो बीत गया
अब खुद ही सम्भालों
इस पल को
ऐसा ना हो कहीं
आगे की पीढ़ी
मनोरंजन के लिए
खुद ही इतिहास उठाये
सच में ख्याल है
यदि नारी का तो
इंसानियत को जगा लो
और बचा लो नारी का
आज ,और कल,
काला बनने से।।
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